सहेली टेबलेट क्या है?
सहेली एक गैर-हॉर्मोनल गर्भनिरोधक दवा है, जिसे भारतीय चिकित्सा क्षेत्र में एक सुरक्षित और प्रभावी गर्भनिरोधक उपाय के रूप में स्वीकार किया गया है। यह एक ओरल गर्भनिरोधक गोली है जो बिना हॉर्मोन के कार्य करती है। सहेली टेबलेट के मुख्य तत्व में हाफ़डोस नामक यौगिक शामिल है, जो अंडाशय में अंडाणु के विकास को रोकता है और गर्भधारण के अवसर को कम करता है।
सहेली टेबलेट के फायदे
1. गर्भनिरोधक के लिए सुरक्षित विकल्प
सहेली टेबलेट को विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए तैयार किया गया है जो हॉर्मोनल गर्भनिरोधक नहीं लेना चाहतीं। यह महिला की हॉर्मोनल स्थिति को प्रभावित किए बिना गर्भधारण को रोकने में मदद करता है।
2. साइड इफेक्ट्स कम होते हैं
यह दवा अन्य हॉर्मोनल गर्भनिरोधकों की तुलना में साइड इफेक्ट्स कम देती है। चूंकि इसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हॉर्मोन नहीं होते, इसलिए इसके सेवन से वजन बढ़ने या अन्य हॉर्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं कम होती हैं।
3. नियमित माहवारी
सहेली टेबलेट के सेवन से महिलाएं माहवारी के समय में नियमितता महसूस करती हैं, जिससे मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं में सुधार हो सकता है।
4. गर्भधारण की सुरक्षा
सहेली गर्भनिरोधक के रूप में 98-99% तक प्रभावी है, जिससे यह एक भरोसेमंद विकल्प बनता है।
सहेली टेबलेट किसे खाना चाहिए?
1. स्वस्थ महिलाएं
वह महिलाएं जो गर्भवती नहीं हैं और जिन्हें गर्भनिरोधक की आवश्यकता है, सहेली टेबलेट का सेवन कर सकती हैं।
2. जो हॉर्मोनल गर्भनिरोधक नहीं लेना चाहतीं
कुछ महिलाएं हॉर्मोनल गर्भनिरोधकों के साइड इफेक्ट्स से परेशान होती हैं। ऐसे मामलों में सहेली टेबलेट एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
3. किशोरियां और युवा महिलाएं
किशोरियों और युवा महिलाओं के लिए सहेली टेबलेट एक सुरक्षित गर्भनिरोधक विकल्प हो सकता है, बशर्ते उनका स्वास्थ्य सामान्य हो।
1. गर्भवती महिलाएं
यदि आप गर्भवती हैं, तो सहेली टेबलेट का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गर्भधारण के बाद किसी भी तरह से प्रभावी नहीं है और इससे गर्भस्थ शिशु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
2. स्तनपान करने वाली महिलाएं
सहेली टेबलेट को स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए, क्योंकि कुछ मामलों में इसका प्रभाव दूध में आ सकता है।
3. जिन्हें लिवर की समस्याएं हैं
यदि किसी महिला को लिवर से संबंधित कोई समस्या है, तो उसे सहेली टेबलेट का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि यह दवा लिवर पर असर डाल सकती है।
4. किसी विशेष एलर्जी से पीड़ित महिलाएं
यदि आपको किसी घटक से एलर्जी है, तो आपको सहेली टेबलेट का सेवन नहीं करना चाहिए।
सहेली टेबलेट का सेवन कैसे करें?
1. दवा का सही समय
सहेली टेबलेट को हर दिन एक निश्चित समय पर लेना चाहिए। यह दवा एक बार दिन में ली जाती है, और इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। बेहतर होगा कि इसे रोज़ एक ही समय पर लिया जाए ताकि इसकी प्रभावशीलता बनी रहे।
2. क्योंकि यह एक रोज़ाना की खुराक है, तो इसे कभी मिस न करें। यदि आप एक दिन इसे भूल जाती हैं, तो जितनी जल्दी हो सके इसे ले लें, लेकिन अगले दिन दोहरी खुराक न लें।
3. कोर्स की अवधि
सहेली टेबलेट का सेवन कम से कम 3 से 6 महीने तक किया जाता है, लेकिन यह अवधि आपके डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जाएगी।
सहेली टेबलेट कब नहीं खाना चाहिए?
1. दवाओं के साथ इंटरैक्शन
अगर आप किसी अन्य दवा का सेवन कर रही हैं, तो आपको सहेली टेबलेट का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए, क्योंकि कुछ दवाएं इसके प्रभाव को कम कर सकती हैं।
2. गर्भावस्था के दौरान
जैसे पहले बताया गया है, यदि आप गर्भवती हैं, तो सहेली टेबलेट का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भवती होने पर अन्य गर्भनिरोधक उपायों का उपयोग करना चाहिए।
3. माहवारी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव
यदि किसी महिला को अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है, तो उसे सहेली का सेवन नहीं करना चाहिए।
सहेली टेबलेट के साइड इफेक्ट्स
सहेली टेबलेट को सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कभी-कभी इसके कुछ हल्के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
सिरदर्द
पेट में दर्द या असहजता
मितली या उलटी
माहवारी के समय में हल्का परिवर्तन
निष्कर्ष
सहेली टेबलेट गर्भनिरोधक के रूप में एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन इसका सेवन सही तरीके से करना जरूरी है। इसे डॉक्टर के परामर्श से ही लेना चाहिए, खासकर अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या हो। सहेली टेबलेट के प्रभाव और सुरक्षित उपयोग के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने के लिए, महिलाएं अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह ले सकती हैं।
इस लेख का उद्देश्य महिलाओं को सहेली टेबलेट के बारे में जागरूक करना है ताकि वे इसके उपयोग को समझें और आप इस जानकारी को हमारे यूट्यूब चैनल पर भी पढ़ सकते हैं सही तरीके से सेवन करें।
आप इस लेख या जानकारी को हमारे यूट्यूब चैनल पर भी पढ़ सकते हैं, यूट्यूब चैनल पर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
⤵️
लेखक:
विश्राम सिंह यादव
0 टिप्पणियाँ